Gautam buddha ki kahani in hindi

                     "गौतम बुद्ध की कहानी"

                
Gautam buddha ki kahani in hindi




यह कहानी है एक 24 साल के लड़के लड़के की जो एक सेठ के यहां यहां के यहां यहां काम करता था उसके मां-बाप इस दुनिया में नहीं थे उसकी जिंदगी बड़ी परेशानी में चल रही थी वह जाता था रोजाना पैसे कमा कर कर था रोजाना पैसे कमा कर कर घर आता था खाना बनाता था और फिर सो जाता था एक दिन उसने देखा कि उसने चार चपाती और सब्जी बनाई और हाथ मुंह धोने चला गया हाथ मुंह धो कर कर वापस आया तो देखा तीन चपाती ही बची थी थी चपाती ही बची थी दूसरे दिन भी यही हुआ तीसरे दिन उसने ध्यान रखा और एक चूहे को पकड़ लिया। चूहा उस लड़के से कहने लगा लगा से कहने लगा भाई यह तो मेरे हिस्से का है मेरे नसीब का का खाना खाने से तुम मुझे क्यों रोक रहे मुझे क्यों रोक मुझे क्यों रोक रहे हो तो लड़के ने जवाब दिया अरे भाई मैं खुद ही बहुत परेशान हूं मैं बहुत गरीब हूं मेरे घर में खाने को ज्यादा रोटी नहीं है मैं तुम्हें कैसे दे सकता सकता हूं तो चूहा कहता है अच्छा भाई अगर तुम ज्यादा परेशान हो तो तुम गौतम बुद्ध के आश्रम क्यों नहीं जाते और वहां अपना समाधान उन से मांगो वह अवश्य वह मांगो वह अवश्य वह अवश्य तुम्हें तुम्हारा समाधान देंगे लड़के ने चूहे की बात मान ली और अगले ही दिन गौतम बुध के आश्रम के लिए निकल पड़ा अपने सेठ जी से चार-पांच जी से चार-पांच दिन की छुट्टी मांग कर।

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 रास्ते में चलते चलते चलते उसको एक घर दिखा घर के बाहर एक औरत परेशान खड़ी थी उस लड़के ने औरत से पूछा आप इतना परेशान क्यों खड़ी है मां जी जी तो उस औरत ने जवाब दिया कि मेरी बेटी जब से पैदा हुई है पैदा हुई है उसने आज तक एक भी शब्द नहीं बोला इसीलिए मैं बहुत परेशान हूं बेटा तो लड़के ने कहा आप चिंता मत करिए मैं गौतम बुध के आश्रम में जा रहा हूं और उनसे आपके प्रश्न का उत्तर जरूर मांग लूंगा। औरत ने लड़के को धन्यवाद कहते हुए कहते हुए कहा बेटा आराम से जाओ और मेरे प्रश्न का उत्तर पूछ कर बताना मैं तुम्हारी आभारी रहूंगी और लड़का अपने रास्ते चल पड़ा।

चलते चलते पहाड़ा गए और लड़का पहाड़ों गए और पहाड़ा गए और लड़का पहाड़ों गए और लड़का पहाड़ों पर चढ़कर रास्ता पार कर रहा था कि तभी उसे एक जादूगर दिखा लड़के ने जादूगर से पूछा कि आप यहां तपस्या क्यों कर रहे हो तो जादूगर ने कहा बेटा मैं स्वर्ग जाने के लिए तपस्या कर रहा हूं लेकिन इतने साल हो गए मुझे स्वर्ग का रास्ता नहीं मिल रहा मिल रहा। लड़के ने जवाब दिया कि मैं गौतम  बुद्ध के आश्रम ही जा रहा हूं मैं आपका सवाल उनसे जरूर पूछ लूंगा और आपको और आपको लूंगा और आपको पूछ लूंगा और आपको और आपको लूंगा और आपको जरूर पूछ लूंगा और आपको और आपको लूंगा और आपको पूछ लूंगा और आपको और आपको लूंगा और आपको लौटकर उत्तर दूंगा। जादूगर खुश हो गया और उसने लड़के के लिए दुआ मांगी कि मैं सही सलामत गौतम बुद्ध के आश्रम पहुंच जाए।

लड़का कुछ और दूर आगे चला तो उससे एक कछुआ मिला कछुआ भी बहुत परेशान था तो लड़के ने कछुए से पूछा आपको क्या हुआ आप इतना क्यों परेशान हैं कछुए ने जवाब दिया मैं करीब 500 साल से इंतजार कर रहा हूं कि मैं ड्रैगन कब बनूंगा लेकिन अभी तक नहीं बन पाया दो लड़के ने फिर जवाब दिया कि मैं गौतम बुद्ध के आश्रम जा रहा हूं और मैं आपका प्रश्न उनसे जरूर पूछूंगा पूछूंगा और कछुए ने धन्यवाद कहकर उसे अलविदा किया और कहा कृपया मेरा उत्तर जरूर बताइएगा आपकी कृपा होगी।

आखिर में लड़का गौतम बुध के आश्रम पहुंच गया गौतम बुध के यहां काफी के यहां काफी लोग थे तो गौतम बुद्ध ने कहा कि सब अपने अपने सवाल पूछ सकते हैं लेकिन मैं सिर्फ तीन सवालों का ही उत्तर दूंगा यह सुनकर लड़का सोच में पड़ गया कि आखिर मैं उन तीनों में में से किस का सवाल हटाओ सवाल हटाओ का सवाल हटाओ। आखिर में उसने सोचा कि मैं अपने खाने लायक तो जीवन जी ही रहा हूं मैं अच्छी खासी खासी जी ही रहा हूं मैं अच्छी खासी खासी अच्छी खासी नौकरी करता हूं सेठ के यहां वक्त की दो दो रोटी कमा लेता हूं और मेहनत करूंगा तो और आगे बढ़ो लूंगा और मैं उन तीनों का ही सवाल गौतम बुध से पूछूंगा।
             
Gautam buddha ki kahani in hindi


जब उस लड़के की बारी आई तो उसने गौतम बुद्ध से अपने तीनों सवालों का उत्तर मांगा तब गौतम बुद्ध ने उत्तर दिया।
" जब उस लड़की की शादी होगी वह तब बोल पड़ेगी"।
 "जब वह जादूगर छड़ी का त्याग कर देगा तब वह स्वर्ग के रास्ते चला जाएगा"।
"और जब कछुआ अपने कवच का त्याग कर कर कवच का त्याग कर कर देगा तब वह ड्रैगन बन जाएगा"

इन सवालों के जवाब सुनकर वह अपने घर की तरफ निकल पड़ा रास्ते में फिर उसे कछुआ मिला मिला और उसने कछुए का जवाब दिया तो कछुए ने अपना कवच कवच उतार दिया और ड्रैगन बन गया उसके कवच से बहुत सारे  मोती निकले तो कछुआ बोला अब मैं इन मोतियों का क्या करूंगा बिना तुम ही रख लो तो उस लड़के ने मोती रख ली है है ली है है।
 आगे चला तो फिर उसे जादूगर मिला उसने जादूगर से कहा अगर तुम अपनी छड़ी का त्याग कर दोगे कर दोगे कर दोगे तो तुम स्वर्ग चले जाओगे उसने तुरंत अपनी छड़ी उस लड़के को दे दी और वह स्वर्ग के रास्ते चला गया।
फिर आगे चला तो उस औरतों का घर आ गया उसने औरत का का उत्तर दिया कि जिस दिन तुम्हारी लड़की की शादी हो जाएगी उस दिन वह बोलने लगेगी तो उस औरत ने कहा कि मुझे तुमसे अच्छा लडका और कहां मिलेगा उस औरत ने ने तुरंत अपनी लड़की की शादी उस लड़के से करा दी और वह लड़की बोलने लगी।

 अब उस लड़के के पास पैसे के रूप में  मोती ताकत के रूप में जादू की छड़ी और जीवन बिताने के लिए जीवन साथी मिल गई। उसके थोड़े से प्यार करने पर उसको करने पर उसको इतनी सारी सफलताएं मिल गई।



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