Hindi kahani with moral

            "गरीब किसान को नयी साल का तोफा"

         
Hindi kahani with moral
एक गांव में श्याम नाम का लडका रहता था। वह बहुत गरीब लेकिन अच्छा और नेक दिल इंसान था वह अकेला ही रहता था ना तो उसके मां-बाप थे और ना ही कोई रिश्तेदार। वह दूसरों के खेतों में मजदूरी करता और पैसे कमाता था। लेकिन अब सर्दियों का समय आ चुका था और बर्फ पड़ने लगी थी जिसकी वजह से श्याम को खेतों में भी काम नहीं मिल रहा था काम ना मिलने के कारण श्याम के पास पैसों की कमी हो गई और कई बार तो ऐसा होता कि श्याम कई दिनों तक भूखा रहता था।
                   (Hindi kahani with moral)

एक दिन श्याम काम की तलाश से घर से निकला और रास्ते में चलते हुए उसने देखा की एक बत्तख सड़क पर पड़ी हुई है उसने सोचा आज तो मजा आ गया आज तो मैं इसको पका कर खाऊंगा और उसके पास गया पास जाकर देखा तो बत्तख दर्द से करा रही थी उसके पंख में चोट लगी थी। उसको देख श्याम को दया आ गई और उसने अपने बैग में से  दवाई निकाली और बता के पंख पर लगा दी वह दवाई बहुत अच्छी जड़ी बूटियों से बनी थी। जिसकी वजह से बत्तख कुछ ही देर में ठीक हो गई और उसने श्याम को ऐसे देखा कि मानो वह उसे धन्यवाद कहना चाहती हो  श्याम ने भी उसे प्यार से देखा और फिर बता छोड़ कर चली गई। श्याम फिर नाराज हो गया क्योंकि उसे आज भी खाना नहीं मिलेगा इसी निराशा में श्याम अपने घर वापस चला गया।
                 
Hindi kahani with moral
         
रात हो चुकी थी और श्याम अपने बिस्तर पर सो रहा था बाहर बहुत तेज हवाएं चल रही थी कि तभी उसके  दरवाजे पर खटखटाने की आवाज आई श्याम को लगा कि तेज हवाओं के चलते यह आवाज हो रही है और वह फिर सो गया लेकिन आवाज फिर से आने लगी तो श्याम डर गया उसे लगा के दरवाजे पर चोर है वह दरवाजे के पास गया और पूछने लगा "कौन है"!! लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया श्याम ने फिर पूछा लेकिन फिर से कोई जवाब नहीं आया तो श्याम ने दरवाजा खोलने का निर्णय लिया जैसे ही श्याम ने दरवाजा खोला दरवाजा खोलते ही उसने देखा कि सामने एक लड़की खड़ी है वह ठंड से ठिठुर रही थी और बोली मुझे बहुत ठंड लग रही है और आसपास कहीं रुकने की जगह भी नहीं है क्या आप मुझे अपने घर में एक रात के लिए रुक सकते हैं श्याम ने कहा हां हां अंदर आ जाओ जैसे ही लड़की ने अंदर कदम बढ़ाया वह बेहोश हो गई और श्याम ने उसे पकड़ लिया फिर श्याम ने उसको बिस्तर पर लिटा कर सुला दिया और वह लड़की आराम से सो गई।

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सुबह हुई तो उसने देखा कि वह लड़की उसकी किचन में कुछ पका रही थी श्याम ने पूछा यह क्या कर रही हो तो लड़की बोली मैं अपने साथ कुछ चावल लाई थी तो उन्हीं को पका रही हूं आप खाना चाहेंगे लड़की ने पूछा श्याम ने कहा हां हां क्यों नहीं...
चावल खाते खाते श्याम में लड़की से पूछा तुम कौन हो और तुम कहां जा रही थी लड़की ने कहा  मेरा नाम अंजली है और मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है मैं अकेली रहती हूं और आप बुरा ना माने तो मैं आपके घर पर रुक सकती हूं कुछ दिनों के लिए ..श्याम ने हामी भर दी। और मैं खुशी-खुशी रहने लगे वह लड़की अंजलि अपने साथ कुछ चावल और दाल लाई थी जिसे वह बना कर अपना गुजारा कर रहे थे।

 धीरे धीरे दोनों में प्यार बढ़ने लगा और 1 दिन श्याम ने अंजलि से कहा क्या तुम मेरे साथ शादी करना चाहोगी और अंजलि  मैं हां कह दी। यह सुनते ही श्याम खुशी से झूम उठा। और दोनों आपस में पति-पत्नी की तरह रहने लगे।

 दोनों खुशी-खुशी रहने लगे...सर्दियां चली गई  और नया साल आ गया। श्याम को भी काम मिलने लगा और अंजलि भी कुछ कपड़े सिलती और श्याम उसे बाजार में अच्छे दामों में बेचा था दोनों की जिंदगी एकदम सुखद हो गई।
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Moral:  अगर आप दूसरों के साथ अच्छा करोगे तो आपके साथ भी जरूर अच्छा ही होगा।


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