Motivational kahani in hindi

                         ईमानदार लड़के की कहानी

                       
Motivational kahani in hindi

एक गांव में सलमान नाम का लड़का था उसकी परचून की दुकान थी। सलमान बहुत नेक और भरोसेमंद आदमी था गांव के अधिकतर लोग उसी से सामान लेते थे मैं सभी से अच्छे से बात करता था और यह बात गांव वालों को बहुत अच्छी लगती थी वह सभी के घरों में भी सामान पहुंचाने का काम करता था लोग उससे अमन पहुंचाने की कह देते और वह सामान को घर पहुंचा देता था इसीलिए गांव के लोग उस पर भरोसा करते थे और ज्यादातर उसी से सामान लेना पसंद करते थे।

                ("hindi kahani with moral")

 एक बार गांव के प्रधान ने अपने घर में दावत करवाने का सोचा और दावत का सामान सलमान की दुकान पर लिखवा दिया। प्रधान को भी सलमान पर भरोसा था इसीलिए वह बेफिक्र हो गए क्योंकि वह कभी भी सामान की चोरी नहीं करेगा और घर पर पूरा सामान पहुंचाएगा सलमान  ने भी  जुबान दी कि कल सवेरे तक आपके घर पर सारा सामान पहुंचा दूंगा।
          सलमान सामान जुटाने में लग गया उसने सारा सामान इकट्ठा कर लिया परंतु उसे चावल की कमी पड़ गई। तो उसने दूसरी जगह से चावल लेने की सोची... वह जब दूसरी दुकान पर सामान लेने गया तो सलमान को आता देख उस दुकानदार ने चावल के दाम दोगुने कर दिए और ना चाहते हुए भी सलमान को चावल खरीदने पड़े क्योंकि उसने जुबान दी थी कि थी कि दी थी कि थी कि वह चावल कल सवेरे तक पहुंचा देगा और उसने दोगुने दाम पर चावल खरीद लिए और  सुबह होते ही प्रधान के घर पहुंचा दिए। सलमान ने सामान को प्रधान के नौकरों को सौंप दिया और पैसों के इंतजार में बाहर खड़ा बाहर खड़ा हो गया।
                 
Motivational kahani in hindi

प्रधान के नौकर सलमान से जलते थे इसीलिए उन्होंने सलमान का लाए हुए सामान से कुछ सामान चुरा लिया और उस बचे हूऐ सामान से उन्होंने खाना बना दिया। सलमान बाहर खड़ा हुआ अपने पैसों का इंतजार कर रहा था लेकिन उन नौकरों ने उसके पैसे भी नहीं दिए थे।

जब खाना खाने लोग बैठे तो खाने में सामान की कमी को देख आपस में फुस फुसाने लगे और प्रधान की बुराई करने लगे यह प्रधान को बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने सभी नौकरों को बुलवाया और उनसे जवाब मांगा कि खाने में सामान कम क्यों पड़ा... तो नौकर अपनी झूठी दलीलें देने अपनी झूठी दलीलें देने लगे और सलमान को फंसाने की कोशिश करने लगे इतने में ही सलमान अंदर आया और उसने कहा..." प्रधान साहब मैं आपके यहां हर साल सामान देकर जाता हूं पर आज तक कभी ऐसी गड़बड़ी नहीं हुई।"

                 ("hindi kahani with moral")

प्रधान ने हामी भर्ते हुए कहा..। हां! सलमान तुम सही कह रहे हो मुझे तुम पर विश्वास है तुम कभी ऐसा नहीं करोगे इतना सुनते ही बाकी नौकर डर गए डर गए और उन्होंने सब सच बोल दिया और अपनी हरकतों पर शर्मिंदा भी हुए और प्रधान से माफी मांगी के से माफी मांगी के आगे कभी ऐसा नहीं होगा। और सलमान को उसकी मेहनत के पूरे पैसे भी मिल गए।

Moral: अगर आप किसी का बुरा चाहोगे तो आपका भी भी कभी भला नहीं होगा।

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