Rochak angry raja ki kahani hindi me

                         अड़ीयल राजा

                 
Rochak raja ki kahani hindi me
  

बहुत सालों पहले एक राज्य में एक राजा का राज्य था 
 वहबहुत अडीयल और गुस्सैल स्वभाव का राजा था। वह जो ठान लेता वह करके ही मानता था चाहे फिर वह गलत हो या सही। एक बार राजा अपने मंत्री के साथ बगीचे में घूम रहा था घूमते घूमते राजा के पैरों में गुलाब के कांटे चुभ रहे थे उसने अपने मंत्री से कहा कि मुझे यह कांटे चुभ रहे हैं मेरे बाग में अगली बार से गुलाब के फूल नहीं होने चाहिए पर मंत्री ने कहा महाराज गुलाब तो इस बात की शान है आप उनको कटवा देंगे तो यह बाग बिल्कुल बेकार हो जाएगा पर महाराज तो ठहरा जिद्दी और अडीयल उसने जो एक बार कह दिया तो कह दिया और मंत्री को उसकी बात माननी पड़ी और उसने माली से कहकर सारे गुलाब के फूल कटवा दिए।

एक बार राजा कहीं जा रहे थे और उनके पैरों में धूल लग रही थी तो उन्होंने फिर अपने मंत्री से कहा कि मेरे पैरों में धूल लग रही है  तो कुछ ऐसा करो कि मेरे पैरों में धूल फिर ना लगे। मंत्री परेशान हो गया और कहने लगा भला ऐसा कैसे हो सकता है की धूल आपके पैरों में ना लगे महाराज धूल तो हर जगह है धूल को हटाया नहीं जा सकता पर राजा तो जिद्दी था वह अपनी बात पर अड़ा रहा और कहने लगा की अगली बार जब मैं बाहर निकलो तो मेरे पैरों में धूल नहीं लगनी चाहिए अगर लगी तो मैं तुम्हारी 6 महीने की पगार नहीं दूंगा। मंत्री घबरा गया और महाराज के पैरों में धूल ना लगने के उपाय ढूंढने लगा काफी सोच सोचने के बाद भी मंत्री को कोई उपाय हाथ ना लगा एक  पंडित ने मंत्री को उपाय दिया कि हमें 5000 झाड़ू चाहिए और 5000 ही आदमी जो झाड़ू लगाकर हमारे राज्य की सारी धूल बाहर उड़ा दे फोर मंत्री ने सुझाव को मान लिया और उसने 5000 झाड़ू और 5000 आदमियों को बुला लिया आदमी झाड़ू लगाने लगे और राज्य में धूल ही धूल हो गई।
                     
Rochak raja ki kahani hindi me


मंत्री राजा के पास गया और उनसे बोला महाराज मैंने भूल हटाने का उपाय ढूंढ लिया है कृपया आप खिड़की से बाहर झांक कर देखें राजा ने खिड़की खोली तो उनके मुंह पर धूल ही धूल हो गई। राजा गुस्से में मंत्री से बोला अरे मूर्ख यह तूने क्या किया पूरे राज्य में धूल ही धूल उड़ रही है इसे फौरन ही बंद करवाओ मंत्री तुरंत भाग कर गया और सभी आदमियों को रुकने को कहा और उनसे कहा कि नदी में जाओ और वहां से पानी लेकर  सड़क पर डालो उन्होंने ऐसा ही किया और सारा पानी सड़क पर डाला और सड़क पर कीचड़ हो गई। राजा और गुस्सा हो गया और उसने मंत्री की पगार काटने का ठान लिया।

तभी वहां पर एक आदमी आया और उसने राजा को चमड़े की एक चीज  पैरों में पहनाई और कहां महाराज अब आप इसे पहनकर कहीं भी जा सकते हैं और आपके पैरों में धूल कभी नहीं लगेगी सब लोग राजा की सभा में मौजूद हैरान रह गई ऐसा ख्याल हमारे दिमाग में क्यों नहीं आया यह तो बहुत ही आसान था। राजा बहुत खुश हुआ और उससे आदमी को सोने की मुद्राएं भेंट में दी और उस चमड़े की चीज का नाम रखा जूता।

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