Saas bahu ki ajab kahani

                    "सास और बहू"


एक गांव में एक औरत रहती थी वह बहुत बड़ी जमीदार और बहुत पैसे वाली थी उसका काफी बड़ा घर था और उसके घर में उसका लड़का और उसकी बहू रहती थी वह औरत बहुत कंजूस थी मैं अपने इतने बड़े घर का काम अपनी बहू से ही करवाती थी। बहू भी अपनी सास की सारी बातें सुनती थी और घर का सारा काम करती थी। घर का इतना काम करना पड़ता था की बहू को अपने लिए समय ही नहीं मिलता था वह सारा दिन घर का ही काम करने में लगी रहती थी और अगर कोई काम देरी से होता तो उसकी सास उसे ताने मार कर दी थी लेकिन बहु बहुत सीधी थी वह कभी भी अपनी सास को जवाब नहीं देती थी।
           
Saas bahu


 एक बार बहू का भाई उससे मिलने आया और अपनी बहन को इतना काम करते देख सोच में पड़ गया की इतनी बड़ी जमींदार सास है और अपने घर में एक नौकरानी भी नहीं रख सकती लेकिन उसने यह बात अपने अंदर ही दबा ली क्योंकि अगर वह कुछ कहता तो उसकी सांस उसको बाद में भला-बुरा कहती जो वह नहीं चाहता था कि वह यह सब कहे। कुछ देर बाद उसकी बहन उसके लिए खाना लायी और खाना खाकर भाई अपने घर चला गया।

 दिन बीत गए और रक्षाबंधन आने में कुछ ही दिन बचे थे तो बहू ने अपने भाई को फोन किया और कहा कि भाई 2 दिन बाद रक्षा बंधन है और तुम जरूर आना भाई ने कहा हां बहन मैं जरूर आऊंगा और तुम्हारे लिए एक खास तोहफा भी लाऊंगा। बहू खुश हो गई और रक्षाबंधन आने आने का इंतजार करने लगी।

 रक्षाबंधन आने पर बहू अपने भाई के लिए राखी लेने बाजार गई और अच्छी से अच्छी राखी अपने भाई के लिए लेकर आई और अपने भाई का आने का इंतजार करने लगी सुबह से शाम हो गई लेकिन भाई अभी तक नहीं आया था तो बहू की सास ने पूछा अरे!! कहां रह गया तेरा भाई कब आएगा? आते ही होंगे माँ जी बहू ने जवाब दिया। इतने में ही उसका भाई आ गया बहू ने पूछा इतनी देर कहां लग गई भाई तो भाई ने जवाब दिया तले कुछ नहीं थोड़ा काम में फस गया था।

फिर बहू ने भाई को राखी बांधी और भाई ने तो फिर मैं बहन को एक कपड़े धोने की मशीन भेंट दी बहु बहुत खुश हुई और उसने उस तोफे को स्वीकार कर लिया।

 अगली सुबह बहू कपड़े धोने के लिए मशीन में डालने लगी और इतने में ही उसकी साथ में उसको आवाज लगाई तो बहू सास के पास चली गई। और जब लौटकर आई तो उसने देखा कि सारे कपड़े धुले हुए रखे हैं बर्तन साफ पड़े हुए हैं पहुंचा भी लगा हुआ है खाना भी बन गया है यह सब देख बहू अचंभे में रह गई और सोचने लगी कि यह सारा काम किसने किया। लेकिन इसका जवाब उस पर नहीं था। अगले दिन फिर ऐसा हुआ उसका सारा काम उसे खत्म मिला फिर मैं सोच में पड़ गई तो यह काम कर कौन रहा है तो उतने में ही जो मशीन उसका भाई लाया था वह बोल पडी... "यह सारा काम मैंने किया है"
बहू को यह सुन आश्चर्य हुआ और उसने मशीन से पूछा तुमने किया है.. कैसे?
तो मशीन बोली मैं कोई मामूली मशीन नहीं हूं मैं एक जादुई मशीन हूं तुम्हारे भाई ने खास एक जादूगर से मुझे बनवाया है तुम्हारे लिए। क्योंकि वह तुम्हें इतना काम करते देख दुखी था। इसीलिए उसने मुझे बनवाया। बहु बहुत खुश थी और वह अब अपने ऊपर भी ध्यान देने लगी थी।
Moral-अगर आप सबके साथ सही करते  हो तो उसका परिणाम आपको जरूर मिलता है

Post a Comment

0 Comments